વન વિભાગની જવાબદારી યુવાનોએ નિભાવી : છેલ્લા બે દિવસથી સ્વ ખર્ચે ટેન્કરોથી ભરે છે હવાડા

May 23, 2022

— બાલારામના જંગલમાં પ્રાણીઓને પીવાનું પાણી મળી રહે તે માટે યુવાનોની પહેલ, સ્વખર્ચે હવાડા ભર્યા :

ગરવી તાકાત પાલનપુર : ઉનાળાની કાળઝાળ ગરમી વચ્ચે મનુષ્ય જીવો ગરમીથી બચવા અનેક પ્રયાસો કરે છે અને ફ્રિજનું ઠંડુ પાણી પી પોતાની તરસ બુઝાવતાં હોય છે ત્યારે અબોલ પ્રાણીઓ કે જેઓ જંગલમાં પાણી માટે આમથી તેમ ટળવળતા હોય છે. બાલારામ જંગલમાં બનાવવામાં આવેલા પશુઓને પીવાના પાણીના હવાડા કોરાધાકોર જોવા મળતા આ વિસ્તારના યુવાનો ત્યાંથી પસાર થતા તેઓએ પહેલ કરી અને સ્વખર્ચે ટેન્કર મંગાવી આ હવાડા ભરવામાં આવતા આ યુવાનોની કામગીરીને સૌ કોઈ બિરદાવી રહ્યુ છે.
બનાસકાંઠા જિલ્લા સહિત પાલનપુર પંથકમાં પણ કાળઝાળ ગરમીને કારણે દિવસભર લોકો ત્રાહિમામ પોકારી ઉઠ્યા છે. ગરમીથી બચવા અવનવા નુસ્ખા અપનાવી લોકો પ્રયાસો કરી રહ્યાં છે. ત્યારે ગરમી ની કપરી પરિસ્થિતિ વચ્ચે જંગલમાં વસવાટ કરતા પ્રાણીઓ કે જેઓને પીવાના પાણીની પણ ઘણીવાર તંગી વર્તાતી હોય છે. બાલારામ સહિત જંગલ વિસ્તારમાં પ્રાણીઓને પીવાનું પાણી મળી રહે
તે માટે બનાવવામાં આવેલા હવાડા છેલ્લાં કેટલાંક સમયથી કોરાધાકોર જોવા મળતાં પાલનપુર પંથકના કેટલાક યુવાનો અબોલ પ્રાણીઓની ચિંતા કરીને સ્વખર્ચે છેલ્લા બે દિવસથી જંગલમાં આવેલા આ પાણીના હવાડા ભરાવી રહ્યા છે અને પ્રાણીઓની તરસ બુઝાવી રહ્યા છે. આમ વન વિભાગની જવાબદારી યુવાનોએ નિભાવી જંગલમાં પ્રાણીઓને પીવાનું પાણી પુરૂં પાડવામાં આવતા વન વિભાગની કામગીરી સામે અનેક સવાલો ઉઠ્યા છે.
તસવિર અને અહેવાલ : જયંતિ મેટિયા– પાલનપુર
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श्री के. बी. देसाई अर्बुदा स्कूल, इडर में पंच परिवर्तन के संकल्प के साथ 77वां गणतंत्र दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया

श्री के. बी. देसाई अर्बुदा स्कूल, इडर में देश का 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत गौरव, आनंद और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस विशेष अवसर पर RSS गांधीनगर विभाग के बौद्धिक प्रमुख डॉ. जिग्नेश कडिया तथा इडर तालुका सह कार्यवाह श्री संजयभाई ठाकोर अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का मुख्य विषय “पंच परिवर्तन” रखा गया था, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी और संकल्पबद्धता विकसित करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत ध्वज वंदन और राष्ट्रगान से हुई। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया। अतिथियों ने गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पंच परिवर्तन के पाँच सिद्धांतों को जीवन में उतारकर ही भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और विश्वगुरु बनाया जा सकता है। विद्यालय के प्राचार्य ने विद्यालय की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि विद्यालय पंचकोश आधारित शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

स्व का बोध विषय के अंतर्गत विद्यार्थियों को अपनी भाषा, वेशभूषा और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग द्वारा आत्मनिर्भर भारत के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी गई। भारत की भव्य सांस्कृतिक विरासत को समझकर उसे भविष्य की पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प दिलाया गया। विद्यालय में प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया जाता है, जिससे बच्चों में मातृभाषा के प्रति गौरव की भावना विकसित होती है।

नागरिक कर्तव्य के अंतर्गत बच्चों में अधिकार और कर्तव्य की समझ विकसित की जाती है। विशेष रूप से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण का कार्य विद्यालय गुजरात सरकार एवं भारत सरकार के साथ मिलकर करता है। विद्यार्थियों को यातायात नियमों का पालन करने और जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख दी गई।

पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत वर्तमान वैश्विक पर्यावरण संकट को ध्यान में रखते हुए विद्यालय, परिवार और व्यक्तिगत जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाने का संदेश दिया गया। वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और संसाधनों के संरक्षण जैसी गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य और पृथ्वी की रक्षा का महत्व बताया गया।

जल संरक्षण के अंतर्गत पीने के लिए आधा गिलास पानी लेने, बचा हुआ पानी अन्य कार्यों में उपयोग करने तथा अशुद्ध पानी के पुनः उपयोग की व्यवस्था करने जैसी आदतें विकसित की गईं।

ऊर्जा संरक्षण के लिए लाइट, पंखे एवं विद्युत उपकरणों का आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने तथा खाली कक्षों में इन्हें बंद रखने की समझ दी गई।

प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली के लिए सब्जी या अन्य वस्तुएँ खरीदते समय प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े या जूट के थैले के उपयोग की अपील की गई।

अन्य गतिविधियों में कार्यक्रमों के दौरान स्वागत हेतु पुष्पगुच्छ या माला के स्थान पर पौधे, पुस्तकें या उपयोगी वस्तुएँ देने की परंपरा विकसित करने का संदेश दिया गया।

सामाजिक समरसता के अंतर्गत विद्यार्थी और शिक्षक मिलकर सामूहिक भोजन करते हैं, आर्थिक रूप से जरूरतमंद मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के माध्यम से शिक्षा की सुविधा दी जाती है तथा दिव्यांग बच्चों की विशेष देखभाल की जाती है।

कुटुंब प्रबोधन विषय के अंतर्गत माता-पिता को वंदन करना, दादा-दादी की देखभाल करना, उनसे कहानियाँ सुनना, पूरे परिवार के साथ भोजन करना, दस मिनट ध्यान करना तथा बड़ों का सम्मान करना जैसे मूल्यों पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान वंदन के साथ अतिथियों द्वारा भारत माता का पूजन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्ति और देशप्रेम से सराबोर हो गया। अंत में विद्यालय की टीम द्वारा “पंच परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण” हेतु कार्ययोजना तैयार की गई। इस प्रकार श्री के. बी. देसाई अर्बुदा स्कूल, इडर ने 77वें गणतंत्र दिवस को प्रेरणादायक और स्मरणीय बनाया।

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